India MEA Briefing: Pakistan, Canada, Nepal, BRICS संबंधी मुद्दों पर आया विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

India MEA Briefing: Pakistan, Canada, Nepal, BRICS संबंधी मुद्दों पर आया विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान

Rozgar and Samachar Darshan
0

 Randhir Jaiswal

ANI





भारतीय विदेश मंत्रालय की साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने आज कई महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भारत का स्पष्ट और दृढ पक्ष रखा। ब्रीफिंग में आतंकवाद, पाकिस्तान, कनाडा, ब्रिक्स और कैलाश मानसरोवर यात्रा जैसे विषय प्रमुख रूप से उठे। भारत ने एक बार फिर दोहराया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के मामले में उसकी नीति पूरी तरह स्पष्ट और अडिग है।

सिंधु जल संधि के मुद्दे पर भी भारत ने अपना रुख दोहराया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन दिए जाने के कारण यह संधि फिलहाल स्थगित स्थिति में है। भारत ने स्पष्ट किया कि जब तक पाकिस्तान विश्वसनीय और अपरिवर्तनीय तरीके से आतंकवाद को समर्थन देना पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक भारत का रुख नहीं बदलेगा। इस बयान को दोनों देशों के बीच जारी तनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कनाडा की खुफिया एजेंसी द्वारा भारत पर विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को भी विदेश मंत्रालय ने सिरे से खारिज कर दिया। रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करता है और दूसरे देशों की संप्रभुता का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करना भारत की नीति नहीं है। भारत का मानना है कि यदि किसी प्रकार की चिंता हो तो उसे स्थापित संस्थागत तंत्रों के माध्यम से उठाया जाना चाहिए, न कि राजनीतिक या सार्वजनिक आरोपों के जरिए।

हालांकि भारत ने इस दौरान कनाडा में सक्रिय खालिस्तानी चरमपंथी संगठनों पर गंभीर चिंता भी जताई। विदेश मंत्रालय ने कहा कि कनाडाई रिपोर्ट में स्वयं यह स्वीकार किया गया है कि कनाडा की जमीन का उपयोग कुछ समूह भारत के खिलाफ हिंसा को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। भारत ने कहा कि कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूह न केवल भारत बल्कि कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बने हुए हैं। ये संगठन लोकतांत्रिक स्वतंत्रताओं और संस्थाओं का दुरुपयोग कर चरमपंथ को बढ़ावा देते हैं तथा हिंसक गतिविधियों के लिए धन जुटाते हैं। भारत ने कनाडा सरकार से मांग की कि वह भारत विरोधी तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करे। इसमें भारतीय राजनयिकों और नेताओं को धमकियां देना, पूजा स्थलों में तोड़फोड़, हिंसा का महिमामंडन और तथाकथित जनमत संग्रह के जरिए अलगाववाद को बढ़ावा देने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने की आवश्यकता बताई गई।

ब्रीफिंग में ब्रिक्स को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष भारत ब्रिक्स समूह की अध्यक्षता कर रहा है। इसके तहत विदेश मंत्रियों की बैठक सहित कई महत्वपूर्ण बैठकों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन बैठकों की तिथियों और औपचारिक पुष्टि को लेकर उचित समय पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। भारत की अध्यक्षता को ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

नेपाल द्वारा लिपुलेख दर्रे के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर दिए गए बयान के संबंध में विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा वर्ष 1954 से इसी मार्ग से होती रही है और इसमें कुछ भी नया नहीं है। भारत ने संकेत दिया कि यह पारंपरिक और लंबे समय से प्रचलित मार्ग है, जिसे लेकर अनावश्यक विवाद की जरूरत नहीं है। देखा जाये तो विदेश मंत्रालय की इस ब्रीफिंग में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कठोर नीति, राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर स्पष्ट दृष्टिकोण, कनाडा में सक्रिय चरमपंथी तत्वों पर चिंता तथा क्षेत्रीय और वैश्विक कूटनीतिक मुद्दों पर अपनी सक्रिय भूमिका को मजबूती से सामने रखा।

Post a Comment

0Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
Post a Comment (0)

#buttons=(Accept !) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Accept !
To Top